कई बार इंसान अपनी समझदारी और बुद्धिमानी को इतना बड़ा मान बैठता है कि उसे अपनी गलतियां दिखाई ही नहीं देतीं। ऐसे लोगों के व्यवहार को शब्दों में बयां करने के लिए ज्यादा होशियारी पर शायरी एक बेहतरीन माध्यम है। यह शायरी न केवल मनोरंजन करती है बल्कि लोगों को विनम्रता और संतुलन का संदेश भी देती है।
आज के समय में अक्सर ऐसे लोग देखने को मिल जाते हैं जो हर बात में अपनी अक्ल का प्रदर्शन करना चाहते हैं। ऐसे लोगों पर लिखी गई ज्यादा होशियारी पर शायरी उनके घमंड और दिखावटी बुद्धिमानी पर व्यंग्य करती है। यही कारण है कि सोशल मीडिया और स्टेटस में भी ज्यादा होशियारी पर शायरी काफी पसंद की जाती है।
यदि आप भी किसी जरूरत से ज्यादा चालाक बनने वाले व्यक्ति को शायरी के जरिए जवाब देना चाहते हैं, तो नीचे दी गई शायरियां आपके लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं।
ज्यादा होशियारी पर शायरी

ज्यादा होशियारी दिखाने का शौक मत पाल,
समय सबका हिसाब रखता है बेमिसाल।
जो खुद को सबसे समझदार समझते हैं,
अक्सर वही अपनी गलतियों में उलझते हैं।

बहुत होशियार बनने की कोशिश मत कर,
किस्मत एक पल में सारा गुरूर तोड़ देती है।
तेरी होशियारी का इतना भी क्या घमंड,
सच के आगे हर चालाकी पड़ जाती है मंद।

जो हर बात में अक्ल का रौब जमाते हैं,
वक्त आने पर वही सबसे ज्यादा पछताते हैं।
तू खुद को शतरंज का बादशाह समझता है,
मगर जिंदगी हर चाल का जवाब रखती है।

अक्लमंद वही है जो विनम्र रहना जानता है,
ज्यादा होशियारी वाला अक्सर ठोकर खाता है।
हर किसी को बेवकूफ समझने वाले सुन,
तेरी असलियत भी सब पहचानते हैं।
तेरी हर चाल का हिसाब वक्त देगा,
ज्यादा होशियारी का जवाब वक्त देगा।
जो खुद को सबसे तेज समझते हैं,
वही अक्सर सबसे बड़ी भूल करते हैं।
अहंकार और होशियारी का मेल अच्छा नहीं,
ये रिश्ता किसी का भी भला करता नहीं।
ज्यादा होशियारी कभी-कभी भारी पड़ जाती है,
बनी बनाई इज्जत भी मिट्टी में मिल जाती है।
तेरी बातें बड़ी समझदारी वाली लगती हैं,
मगर हकीकत में सिर्फ दिखावे वाली लगती हैं।
जो हर वक्त खुद को सही बताते हैं,
वही सबसे ज्यादा रिश्ते गंवाते हैं।
ज्यादा होशियारी का पर्दा ज्यादा देर नहीं टिकता,
सच्चाई का सूरज एक दिन जरूर निकलता।
अक्ल का इस्तेमाल करो, प्रदर्शन नहीं,
ज्यादा होशियारी का कोई सम्मान नहीं।
निष्कर्ष
ज्यादा होशियारी पर शायरी हमें यह सिखाती है कि जरूरत से ज्यादा चालाकी और घमंड इंसान को दूसरों से दूर कर सकता है। जीवन में बुद्धिमानी के साथ विनम्रता भी उतनी ही जरूरी है। यही वजह है कि ज्यादा होशियारी पर शायरी लोगों को एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि समझदार बनें, लेकिन अहंकारी नहीं। उम्मीद है कि आपको यह ज्यादा होशियारी पर शायरी संग्रह पसंद आया होगा और आप इसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा करेंगे।