बचपन जीवन का वह सुनहरा दौर होता है, जहां हर दिन नई खुशियां लेकर आता था। न किसी बात की चिंता होती थी और न ही भविष्य की फिक्र। मिट्टी में खेलना, दोस्तों के साथ मस्ती करना और छोटी-छोटी बातों में खुश हो जाना, यही तो बचपन की असली पहचान थी। आज जब हम बड़े हो जाते हैं, तब उन पलों की अहमियत और भी ज्यादा महसूस होती है।
समय के साथ बहुत कुछ बदल जाता है, लेकिन बचपन की यादें हमेशा दिल के किसी कोने में जिंदा रहती हैं। जब भी पुराने दिनों की बातें याद आती हैं, चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान आ जाती है। यही वजह है कि बचपन की मासूमियत शायरी लोगों के दिलों को गहराई से छू जाती है और उन्हें अपने सुनहरे अतीत में ले जाती है।
अगर आप भी अपने बचपन की मीठी यादों को शब्दों में महसूस करना चाहते हैं, तो यहां दी गई बचपन की मासूमियत शायरी आपके दिल को जरूर छू जाएगी।
बचपन की मासूमियत शायरी

न कोई छल था, न कोई दिखावा था,
बचपन का हर रिश्ता बस प्यार से बना था।
मिट्टी में खेलकर भी खुश रहते थे हम,
आज महलों में रहकर भी सुकून नहीं मिलता।

बचपन की मुस्कान में जादू कुछ ऐसा था,
हर गम भी पल भर में गायब हो जाता था।
वो कागज की नाव और बारिश का पानी,
आज भी याद आती है बचपन की कहानी।

मासूमियत से भरा था हर एक दिन,
खुशियों का जैसे खुला हुआ था खजाना।
न जीत की चिंता थी, न हार का डर,
बचपन में हर पल लगता था सुंदर।

खिलौनों से ही दुनिया सज जाती थी,
छोटी सी खुशी भी बड़ी लग जाती थी।
बचपन के सपनों में रंग हजार थे,
दिल में बस खुशियों के त्योहार थे।
वो मासूम आंखें और सच्चे जज्बात,
बचपन बना देता था हर दिन खास।
काश लौट आएं वो दिन पुराने,
जब हम भी थे दुनिया से बेगाने।
बचपन की पुरानी यादें शायरी
पुरानी यादों का खजाना आज भी संभाल रखा है,
बचपन के हर पल को दिल में बसा रखा है।
वो स्कूल का रास्ता और दोस्तों का साथ,
आज भी याद आता है हर एक बात।
बचपन के दिन जैसे कोई सपना थे,
जो बीत गए मगर अपने थे।

पुरानी तस्वीरों में मुस्कान मिल जाती है,
बचपन की यादें फिर ताजा हो जाती हैं।
वो गर्मियों की छुट्टियां और नानी का घर,
याद आते ही भर आता है दिल अक्सर।
पुराने दिन आज भी दिल को लुभाते हैं,
बचपन के किस्से आंखें नम कर जाते हैं।
यादों के पन्ने जब भी पलटते हैं,
बचपन के दिन फिर सामने आते हैं।
वो बेफिक्र शामें और खेल पुराने,
आज भी लगते हैं सबसे सुहाने।
बचपन की बातें कभी पुरानी नहीं होतीं,
ये यादें कभी खत्म नहीं होतीं।
हर याद में एक मुस्कान छुपी रहती है,
बचपन की खुशबू हमेशा महकती है।
पुराने दिनों की बात ही निराली थी,
जिंदगी तब कितनी प्यारी थी।
यादों का सफर कभी खत्म नहीं होता,
बचपन का प्यार कभी कम नहीं होता।
बचपन की दोस्ती शायरी
बचपन की दोस्ती सबसे खास होती है,
इसमें न मतलब होता है न कोई स्वार्थ।

वो यार आज भी दिल के करीब हैं,
जिनके साथ बचपन के दिन बिताए हैं।
दोस्ती का असली मतलब बचपन ने सिखाया,
हर मुश्किल में दोस्त को साथ पाया।
बचपन के दोस्त किताबों जैसे होते हैं,
हर याद में हमेशा मौजूद रहते हैं।
न पैसे की बात थी, न किसी दौलत की,
बचपन की दोस्ती बस मोहब्बत की थी।
साथ खेलना और साथ हंसना,
यही था बचपन की दोस्ती का गहना।
दोस्ती के वो दिन बड़े सुहाने थे,
जब हम हर वक्त साथ बिताते थे।
बचपन के दोस्त कभी भुलाए नहीं जाते,
दिल के रिश्ते यूं मिटाए नहीं जाते।
वो शरारतें और हंसी के ठहाके,
दोस्ती के सबसे खूबसूरत फसाने।
बचपन की दोस्ती का रंग निराला है,
हर रिश्ता इसके आगे फीका लगता है।
सच्चे दोस्त बचपन में ही मिलते हैं,
जो जिंदगी भर साथ चलते हैं।
दोस्ती की वो यादें आज भी हंसाती हैं,
बचपन की गलियों में वापस ले जाती हैं।
बचपन शायरी 2 लाइन
बचपन की गलियों में आज भी दिल भटक जाता है,
पुरानी यादों का मौसम फिर लौट आता है।

मासूमियत का वो दौर बड़ा प्यारा था,
हर दिन खुशियों का नजारा था।
बचपन की हंसी आज भी याद आती है,
दिल को फिर से बच्चा बना जाती है।
मिट्टी में खेलना भी त्योहार लगता था,
बचपन का हर दिन उपहार लगता था।
न कोई चिंता थी न कोई गम,
बचपन में खुश रहते थे हम।
वो कागज की नाव और बारिश का पानी,
आज भी याद दिलाती है बचपन की कहानी।
बचपन के सपने कितने सुंदर थे,
दिल के हर कोने में समंदर थे।
पुरानी यादें आज भी मुस्कुराती हैं,
बचपन की बातें दिल को बहलाती हैं।
दोस्तों के साथ बिताया हर पल खास था,
बचपन सच में सबसे खूबसूरत एहसास था।
बचपन की यादें कभी पुरानी नहीं होतीं,
दिल में बसी बातें कभी बेगानी नहीं होतीं।
वो मासूम चेहरे और सच्ची मुस्कान,
बचपन की यही थी असली पहचान।
बचपन की खुशियां अनमोल होती हैं,
जो उम्र भर दिल के करीब होती हैं।
निष्कर्ष
बचपन सिर्फ जीवन का एक दौर नहीं, बल्कि खूबसूरत यादों का खजाना है। समय चाहे कितना भी आगे बढ़ जाए, बचपन की मासूमियत और उससे जुड़ी यादें हमेशा हमारे दिल में जिंदा रहती हैं। यही कारण है कि बचपन की मासूमियत शायरी पढ़ते ही हम अपने पुराने दिनों में खो जाते हैं और चेहरे पर एक प्यारी मुस्कान आ जाती है।
उम्मीद है कि यह बचपन की मासूमियत शायरी संग्रह आपको अपने सुनहरे बचपन की यादों से जोड़ने में मदद करेगा। इन शायरियों को अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें और उन खूबसूरत पलों को फिर से महसूस करें।