कभी-कभी जिंदगी में हमसे ऐसी गलतियां हो जाती हैं जिनका पछतावा लंबे समय तक हमारे दिल में रहता है। अपनी गलती का एहसास होना इंसान की सबसे बड़ी खूबी है, क्योंकि यही एहसास हमें बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है। अगर आप भी अपनी भावनाओं को शब्दों में बयां करना चाहते हैं, तो यहां दी गई खुद की गलती पर शायरी आपके दिल की बात दूसरों तक पहुंचाने में मदद करेगी।
इस लेख में आपको खुद की गलती पर शायरी, का शानदार संग्रह मिलेगा। इन शायरियों को आप WhatsApp Status, Instagram Caption, Facebook Post या किसी अपने से माफी मांगने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
खुद की गलती पर शायरी

गलती मेरी थी, ये मान लिया मैंने,
अब दर्द भी मेरा है, ये जान लिया मैंने।
अपनी भूल का एहसास जब हुआ,
तब जाकर जिंदगी का असली सबक मिला।

दूसरों को दोष देना आसान था,
खुद को आईने में देखना मुश्किल था।
मेरी खामोशी मेरी सजा बन गई,
अपनी गलती ही मेरी वजह बन गई।

अपने ही फैसलों ने मुझे रुला दिया,
एक छोटी सी गलती ने सब कुछ मिटा दिया।
जो टूटा है वो रिश्ता नहीं, मेरा गुरूर था,
गलती मेरी थी, बस यही कसूर था।

गलती मान लेने से इंसान छोटा नहीं होता,
बल्कि उसका चरित्र और बड़ा हो जाता है।
आज भी अफसोस है उस पल का,
जब मेरी गलती ने अपना खो दिया।
काश वक्त लौट आता,
तो अपनी गलती कभी दोहराता नहीं।
अपनी भूल पर शर्मिंदा हूं,
अब खुद से ही नजरें नहीं मिला पाता हूं।
गलतियां इंसान से ही होती हैं,
मगर उनसे सीखना महान बनाता है।
मेरी गलती ने मुझे इतना सिखाया,
कि अब हर कदम सोच-समझकर उठाया।
खुद की गलती पर दर्द भरी शायरी
मेरी ही गलती ने मेरा चैन छीन लिया,
जिसे सबसे ज्यादा चाहा, उसी को मुझसे दूर कर दिया।
कसूर मेरा था इसलिए खामोश हूं,
दिल रोता है मगर किसी से शिकायत नहीं।
अपनी भूल का एहसास हर रोज होता है,
जब तेरी यादों का दर्द दिल में जागता है।
गलती छोटी थी, मगर अंजाम बड़ा निकला,
एक पल की भूल ने अपना ही रिश्ता तोड़ दिया।
आज भी आईने में खुद से नजरें नहीं मिलतीं,
अपनी गलती की सजा हर दिन मिलती है।
काश वक्त थोड़ा ठहर जाता,
तो अपनी गलती कभी दोहराता नहीं।
जिसे हमेशा मुस्कुराते देखना चाहता था,
मेरी ही गलती ने उसकी आंखों में आंसू भर दिए।
अब किस्मत को क्या दोष दूं,
जब मेरी ही गलती ने सब कुछ बदल दिया।
गलती मेरी थी, इसलिए दर्द भी मेरा है,
जो खो दिया मैंने, उसका गम भी मेरा है।
अपने ही फैसलों ने मुझे तन्हा कर दिया,
एक गलत कदम ने सब कुछ बिखेर दिया।
ल हर रोज यही सवाल करता है,
अगर वो गलती न होती, तो क्या आज सब पहले जैसा होता?
माफी मांगने में देर कर दी मैंने,
और अपनों को हमेशा के लिए खो दिया।
अपनी गलतियों का बोझ उठाए फिर रहा हूं,
मुस्कुराता हूं सबके सामने, मगर अंदर से टूट रहा हूं।
गलती का एहसास तब सबसे ज्यादा होता है,
जब खोया हुआ इंसान कभी वापस नहीं आता।
अपनी भूल ने मुझे इतना बदल दिया,
अब हर कदम सोच-समझकर रखता हूं।
खुद की गलती पर माफी मांगने वाली शायरी
गलती मेरी थी, इसे मैं मानता हूं,
दिल से बस तुझसे माफी मांगता हूं।
अगर मेरी बातों से तेरा दिल दुखा है,
तो मुझे माफ कर देना, यही मेरी सच्ची दुआ है।
झुककर माफी मांगने में कोई शर्म नहीं होती,
रिश्तों की कीमत अहंकार से कहीं बड़ी होती।
मेरी भूल ने तुझे रुला दिया,
अब तेरी माफी ही मेरा सुकून है।
इरादा कभी तुझे दुख देने का नहीं था,
बस मेरी गलती ने सब कुछ बदल दिया।
तेरी नाराजगी हर पल सताती है,
एक माफी ही इस दिल को राहत दिलाती है।
माना मुझसे गलती हुई है,
अगर हो सके तो मुझे फिर से अपना लेना।
दिल से निकली हर दुआ में तेरा नाम है,
मेरी गलती के लिए बस एक माफी का इंतजार है।
रिश्ते टूट जाएं, इससे पहले माफ कर देना,
मेरी भूल को दिल से भुला देना।
गलती इंसान से ही होती है,
उम्मीद है मेरी माफी भी तू दिल से कबूल करेगा।
तेरे बिना हर खुशी अधूरी लगती है,
मेरी गलती के लिए एक बार माफ कर दे।
जो अपना होता है वही माफी मांगता है,
वरना पराए तो बिना कुछ कहे चले जाते हैं।
मेरे शब्द कम पड़ गए अपनी गलती बताने में,
अब तेरी माफी ही मेरी सबसे बड़ी खुशी है।
सजा चाहे जो भी दे देना,
बस अपनी जिंदगी से दूर मत करना।
अहंकार छोड़कर तेरे दर पर आया हूं,
अपनी गलती की दिल से माफी मांगने आया हूं।
निष्कर्ष
उम्मीद है कि आपको खुद की गलती पर शायरी का यह संग्रह पसंद आया होगा। यदि आपने भी कभी अपनी गलती का एहसास किया है या किसी अपने से माफी मांगना चाहते हैं, तो इन शायरियों के जरिए अपने दिल की बात आसानी से व्यक्त कर सकते हैं। इस पोस्ट को अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर शेयर करें और अपनी पसंदीदा शायरी कमेंट में बताएं।